“कीचड़ युक्त पानी पीने को मजबूर है कूरखेडावासी”

“नगर पंचायत स्थापना के १० साल के बावजूद शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने में प्रशासन नाकाम”
कूरखेडा, ८ जूलै :
कूरखेडा शहर तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहाँ नागरिकों को उपलब्ध कराया जा रहा पीने का पानी कीचड युक्त एवं मटमैला है. जिस कारण लोगों के स्वास्थ्य बिगड़ने का ख़तरा मंडरा रहा है.
ग्राम पंचायत से नगर पंचायत में तब्दील हुई प्रशासनिक व्यवस्था में भी करोड़ों रुपयों का शासन निधि हर वर्ष प्राप्त हुआ मगर अब इस निधि को ग़ैर ज़रूरी सीमेंट रस्ते बनाने में एवं मज़बूत नालियों को तोड़कर नालियां बनाने में ही उपयोग लाया गया. पदाधिकारी एवं प्रशासन के समन्वय से ही गाँव की ज़रूरत है एवं उपयोगी कामों पर निधि ख़र्च किया जाता है , मगर कुरखेडा  पंचायत की बात करें तो यहाँ पर प्रशासनिक अधिकारी एवं पदाधिकारियों में हमेशा से तनातनी रही है. जिसका नतीजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. बरसात की शुरुआत होते ही पेयजल की समस्या से नागरिकों को जूझना पड़ रहा है. बड़े पैमाने पर लोगों को अशुद्ध जल आपूर्ति की जा रही है जिसका परिणाम लोगों के स्वास्थ्य पर पढ़ने लगा है.
वर्षों पुरानी ज़ंग लगे पाइप लाइन से लोगों के घर पानी पहुँचता है जिसमें पुराने पाइपलाइन से रिसने वाले लोहे के कण भी पहुँच रहे हैं. पिने के उपयोग में न लाए जाने वाला पानी जलापूर्ति की पाइप लाइन से घरों तक पहुँचाने की बेशर्म प्रक्रिया पंचायत व्यवस्था कर रही है. पदाधिकारियों प्रशासन के आपसी रंजिश के चलते लोगों को इस विषय में किसी भी तरह का समाधान मिलता नहीं दिख रहा.
करोड़ों रुपये के निधि का सदुपयोग करने की सद्बुद्धि यहाँ के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कब आएगी ऐसा सवाल अब लोग पूछने लगे हैं. अशुद्ध जल के ऊपर प्रक्रिया कर उसे किस तरह से शुद्ध किया जाए इस बारे में भी किसी प्रकार का कोई उपक्रम पंचायत की तरफ़ से अब तक नहीं चलाया गया है जिसके चलते लोगों के स्वास्थ्य का ख़तरा बना हुआ है
लोगों की माँग है कि पंचायत प्रशासन एवं पदाधिकारी समन्वय कर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए.

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