March 7, 2026

चिखली में रानी अवंती बाई की 194वीं जयंती का भव्य उत्सव, विधायक मसराम की समाज भवन के लिए 10 लाख की घोषणा

“चिखली में रानी अवंती बाई लोधी की 194वीं जयंती पर भव्य रैली, समाज भवन और मूर्ति स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा”

कुरखेड़ा, १७ अगस्त: तहसील के ग्राम चिखली में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 194वीं जन्मजयंती को लोधी समाज ने पूरे हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम महिला शहीद रानी अवंती बाई के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों ने एकजुट होकर उत्साहपूर्ण भागीदारी की। तेज बारिश के बावजूद, ग्रामीणों का जोश और समर्पण इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में सफल रहा।

भव्य रैली का आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत गांव के मुख्य मार्ग पर विशाल रैली के साथ हुई। ढोल-ताशों की गूंज और गुलाल की वर्षा के बीच रैली में लोधी समाज के पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। रैली में रानी अवंती बाई के साहस और बलिदान की गाथा को दर्शाने वाले नारे और बैनर प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए। “रानी अवंती बाई अमर रहें” और “वीरांगना की जय” जैसे नारों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

तैलचित्र पूजा और सम्मान समारोह
रैली के समापन पर गांधी चौक में रानी अवंती बाई लोधी के तैलचित्र पर लोधी समाज के वरिष्ठ नागरिक रघुदास डहाळे द्वारा विधिवत माल्यार्पण और पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में आरमोरी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक श्री रामदास मसराम, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री नसीर हाशमी, सचिव श्री अमृत मेहर, संगठक श्री ताहिर शेख, कुरखेड़ा तहसील युवा संगठक श्री अतुल सिन्दराम, श्री प्रकाश रक्षे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तहसील अध्यक्ष श्री जीवन पाटिल नाट, पूर्व पंचायत समिति सभापति श्री गिरिधर तितराम, पूर्व नगरसेवक श्री उस्मान पठान, धर्मराज मच्छीरके, पूर्व उपसरपंच अनिल मच्छीरके, अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी समिति, चिखली के अध्यक्ष श्री दुर्गेश राजबली मच्छिरके, उपाध्यक्ष श्री भरतलाल इसुलाल मच्छिरके, कोषाध्यक्ष श्री सुनिल ओकटलाल मोहारे, और सचिव श्री मिथुन भवनदास पगडवार सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।

नसीर हाशमी का संबोधन
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री नसीर हाशमी ने समुदाय को संबोधित करते हुए रानी अवंती बाई लोधी के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “16 अगस्त 1831 को जन्मी रानी अवंती बाई ने मात्र 27 वर्ष की आयु में 1858 में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी। वे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पहली महिला शहीद थीं, और यह गौरव लोधी समाज को प्राप्त है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि रानी के साहस और देशभक्ति की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने चिखली में रानी अवंती बाई की मूर्ति स्थापना और समाज भवन निर्माण हेतु विधायक निधि से 10 लाख रुपये की मांग रखी।

विधायक रामदास मसराम की घोषणा
विधायक श्री रामदास मसराम ने उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए रानी अवंती बाई के निडर और प्रेरणादायी जीवन की प्रशंसा की। उन्होंने नसीर हाशमी की मांग को तत्काल स्वीकार करते हुए अपने विधायक निधि से 10 लाख रुपये की राशि समाज भवन और रानी अवंती बाई की मूर्ति स्थापना के लिए देने की घोषणा की। इस घोषणा से उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई, और यह कदम चिखली में रानी की स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

मसराम ने अपने संबोधन में समुदाय को एकजुट रहने की सलाह दी और कहा, “रानी अवंती बाई ने जिस तरह अन्याय और गुलामी के खिलाफ निडर होकर संघर्ष किया, उसी तरह हमें आज के समय में सामाजिक बंटवारे और जात-पात की गंदी राजनीति करने वाले तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।” उन्होंने समाज को देश के प्रति जागरूक और संगठित रहने का आह्वान किया।

परंपरा को निरंतर रखने का संकल्प
इस वर्ष से शुरू हुई इस भव्य जयंती आयोजन की परंपरा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लोधी समाज के प्रमुख लोगों द्वारा लिया गया। समिति के अध्यक्ष श्री दुर्गेश मच्छिरके ने कहा कि यह आयोजन न केवल रानी अवंती बाई के बलिदान को श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज की एकता और युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

तेज बारिश में भी अटूट उत्साह
कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद, लोधी समाज के सैकड़ों लोगों ने रैली और समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया। रानी अवंती बाई की गाथा को गीतों और नारों के माध्यम से जीवंत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों में गर्व और प्रेरणा का संचार किया।

रानी अवंती बाई लोधी की 194वीं जयंती का यह आयोजन चिखली गांव के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। समाज भवन और मूर्ति स्थापना की घोषणा ने रानी के अमर योगदान को स्थायी रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया। यह आयोजन न केवल लोधी समाज की एकता का प्रतीक बना, बल्कि रानी अवंती बाई के साहस और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रभावी मंच भी साबित हुआ।

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